Wednesday, December 16, 2020

प्लूटोनियम के गुण, उपयोग और रोचक जानकारी Plutonium in Hindi

प्लूटोनियम के गुण, उपयोग और रोचक तथ्य 

Plutonium-ke-gunn-upyog-or-rochak-tathy, Plutonium-in-Hindi
प्लूटोनियम के गुण, उपयोग और रोचक तथ्य 

परिचय 

प्लूटोनियम एक भारी धातु है, तथा रासायनिक रूप से यह एक तत्व है। प्लूटोनियम सफ़ेद-सिल्वर रंग की धातु होती है। प्लूटोनियम का घनत्व 19.84 ग्राम प्रति घन सेंटीमीटर होता है। प्लूटोनियम की परमाणु संख्या 94, इसका सिंबल Pu और इसका परमाणु भार 244.0642 AMU होता है। इसके परमाणु में 94 इलेक्ट्रान, 94 प्रोटोन , 150 न्यूट्रॉन और 7 एनर्जी लेवल होते है। सामान्य तापमान पर प्लूटोनियम ठोस अवस्था में पाया जाता है। आवर्त सारणी (Periodic Table) में प्लूटोनियम ग्रुप Actinides, पीरियड 7 और ब्लॉक F में स्थित होता है। प्लूटोनियम का गलनांक (पिघलने का तापमान) 640 डिग्री सेल्सियस (1184 डिग्री फेरेनाइट) और इसका क्वथनांक (उबलने का तापमान) 3228 डिग्री सेल्सियस (5842 डिग्री फेरेनाइट) होता है। 


प्लूटोनियम की खोज 1940 में ग्लेन थेओडोर सेबोर्ग (G.T. Seaborg)  ने की थी। 

Plutonium-ke-gunn-upyog-or-rochak-tathy, Plutonium-in-Hindi
Plutonium in Hindi 

प्लूटोनियम के गुण 

  • प्लूटोनियम एक रेडिओएक्टिव तत्व होता है। 
  • प्लूटोनियम सफ़ेद सिल्वर रंग की धातु होती है। 
  • प्लूटोनियम कठोर और भंगुर धातु होती है। 
  • प्लूटोनियम रासायनिक रूप से बहुत अधिक सक्रीय होता है। 
  • प्लूटोनियम-239 मुख्य फिशाइल तत्वों में से एक है, फिशाइल तत्व ऐसे तत्व होते है जो परमाणु विखंडन की श्रंखला अभिक्रिया को बनाए रखते है। 
  • प्लूटोनियम बिजली और उष्मा का अच्छा संवाहक नहीं होता है। 
  • प्लूटोनियम के हवा के संपर्क में आने पर इसके ऊपर गहरे ग्रे रंग की ऑक्साइड परत जम जाती है। 
  • प्लूटोनियम बहुत अधिक दुर्लभ धातु होती है। यह इतना दुर्लभ होता है की धरती पर प्राकृतिक रूप से बहुत अलप मात्रा में पाया जाता है, जिसे एकत्र करना बहुत कठिन होता है। इसलिए  परमाणु रियक्टरों में यूरेनियम-238 पर न्यूट्रॉन की बौछार करके प्लूटोनियम-239 का उत्पादन किया जाता है। 

प्लूटोनियम के उपयोग 

  • प्लूटोनियम एक रेडिओएक्टिव तत्व होता है इसलिए इसके उपयोग बहुत कम होते है। मुख्यतः इसके दो आइसोटोप प्लूटोनियम-238 और प्लूटोनियम-239 का ही उपयोग किया जाता है। 
  • प्लूटोनियम-239 का उपयोग परमाणु बम बनाने के लिए किया जाता है। इसके अलावा ऊर्जा उत्पादन के लिए कुछ परमाणु रिएक्टरो में भी इसका उपयोग किया जाता है। 
  • प्लूटोनियम-238 का उपयोग थर्मोइलेक्ट्रिक जनरेटरों में किया जाता है। थर्मोइलेक्ट्रिक जेनरेटर ऐसे अंतरिक्ष यान में प्रयोग किये जाते है जो धरती से बहुत अधिक दूर जाते है, और जहाँ बिजली उत्पादन के लिए सूर्य का प्रकाश उपलब्ध नहीं होता। 

प्लूटोनियम के रोचक तथ्य 

  • प्लूटोनियम का एक बड़ा टुकड़ा छूने पर अपेक्षाकृत गर्म महसूस होता है, क्योकि इसमें से लगातार ऊर्जा निकलती रहती है। प्लूटोनियम का थोड़ा अधिक बड़ा टुकड़ा पानी को उबलने के लिए पर्याप्त ऊर्जा उत्पन्न कर देता है।  
  • प्लूटोनियम एक जगह पर बहुत अधिक मात्रा में एकत्रित नहीं किया जाता, क्योंकि एक निश्चित मात्रा में एकत्रित होने के बाद यह स्वयं ही बहुत अधिक गर्म हो जाता है, और इसमें परमाणु विखंडन की प्रक्रिया स्वयं शुरू हो जाती है। 
  • एक किलोग्राम प्लूटोनियम में विस्फोट होने पर दस हजार टन विस्फोटकों के बराबर ऊर्जा उत्पन्न होती है। 
  • जापान के नागासाकी शहर पर गिराया गया परमाणु बम प्लूटोनियम से बना था, जबकि हिरोशिमा शहर  गिराया गया परमाणु बम यूरेनियम से बना था 
  •  प्लूटोनियम के 11 आइसोटोप होते है, जो की Pu-236 से Pu-246 तक होते है। 
  • प्लूटोनियम-238 की हाफ लाइफ 87 साल होती है जबकि प्लूटोनियम-239 की हाफ लाइफ 24000 साल होती है। 

No comments:

Post a Comment