Saturday, December 5, 2020

लोहा के गुण, उपयोग और रोचक तथ्य Iron in Hindi

लोहा के गुण, उपयोग और रोचक तथ्य 

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लोहा के गुण, उपयोग और रोचक तथ्य

परिचय

लोहा एक धातु है तथा रसायनिक रूप से यह एक तत्व है। लोहा सिल्वर-ग्रे रंग की चमकीली धातु होती है। शुद्ध लोहा कुछ हद तक नरम और पीटने योग्य (Malleable) होता है। आवर्त सारणी में लोहा का सिंबल Fe तथा परमाणु क्रमांक 26 है। लोहे का परमाणु भार 55.845 amu होता है तथा इसके परमाणु मे 26 इलेक्ट्रान, 26 प्रोटोन और 30 न्यूट्रॉन होते है। सामान्य तापमान पर लोहा ठोस अवस्था में पाया जाता है। लोहे का गलनांक (पिघलने का तापमान ) 1538 डिग्री सेल्सियस (2800 डिग्री फेरेनाइट) और इसका क्वथनांक (उबलने का तापमान) 2861 डिग्री सेल्सियस (5182 डिग्री फेरेनाइट) होता है। लोहे का घनत्व 7.87 ग्राम प्रति घन सेंटीमीटर होता है। लोहा आवर्त सारणी (Periodic Table) में ग्रुप 8, पीरियड 4 और ब्लॉक D में स्थित होता है। 

लोहा पुरातन समय से उपयोग किया जा रहा है, इसलिए इसकी खोज किसने की यह अज्ञात है। 

 

लोहा के गुण

  • लोहा सिल्वर-ग्रे रंग की चमकदार धातु होती है। 
  • लोहा रासायनिक रूप से बहुत अधिक सक्रिय होता है। 
  • नमी के संपर्क में आने पर लोहे पर बहुत आसानी जंक लग जाता है।
  • लोहा ऊष्मा और बिजली का बहुत अच्छा संवाहक होता है। 
  • लोहा तनु अम्लों से क्रिया करके हाइड्रोजन उत्पन्न करता है। 
  • उच्च तापमान की जलवाष्प (575 डिग्री सेल्सियस से अधिक) के संपर्क में आने पर लोहा जलवाष्प की ऑक्सीजन से क्रिया करके फेरोफेरिक ऑक्साइड (Fe3O4 बनाता है और हाइड्रोजन मुक्त करता है।
  • शुद्ध लोहा मैलिएबल धातु होता है, इसलिए इसे पीटकर किसी भी आकर में मोड़ा जा सकता है और इसे पतली चद्दर का रूप भी दिया सकता है। 
  • शुद्ध लोहा बहुत डक्टाइल धातु होता है, इसलिए इसे खींचकर पतला तर बनाया जा सकता है। 
  • लोहे में कार्बन की कुछ मात्रा (.5 % से 1.5 % तक ) मिलकर इसे अत्यंत कठोर बनाया जा सकता है। 
  • लोहे में अन्य धातुएँ मिलकर बड़ी आसानी से इसके गुणों को बदला जा सकता है।
  •  लोहा चुम्बक के द्वारा बहुत आसानी से आकर्षित किया जा सकता है। 
  • लोहा सभी प्रकार के जीवन के लिए आवश्यक और हानिरहित तत्व है, सभी जीवित प्राणियों और अधिकतर खाद्य पदार्थो में कुछ मात्रा में लोहा पाया जाता है। एक वयस्क इंसान में लगभग 4 ग्राम लोहा पाया जाता है। 

 

लोहा के उपयोग

लोहा सभी धातुओं में सबसे अधिक उपयोग की जाने वाली धातु है, लोहा का उपयोग इतना अधिक व्यापक है, की हमारे आस-पास पायी जाने वाली अधिकांश चीजे लोहा से बनी होती है। लोहा के कुछ उपयोग इस प्रकार है :-

  •  लोहा का सबसे अधिक उपयोग मिश्रधातुएँ बनाने के लिए किया जाता है, लोहा में अलग अलग धातुएं मिलकर कई तरह के स्टील बनाए जाते है जिनमे कार्बन स्टील, स्टेनलैस स्टील, एलॉय स्टील, टूल स्टील आदि प्रमुख हैं। 
  • सभी तरह के वाहनों के अधिकतर पार्ट्स लोहे से बने होते है। 
  •  भवन निर्माण और बहुमंजिला इमारतों  के निर्माण में स्टील बने सरिये, गर्डर आदि अधिकता से उपयोग किये जाते है। 
  • दैनिक जीवन में उपयोग आने वाली अधिकांश चीजे लोहा से या लोहा से बने पुर्जो (पार्ट्स) से बनाई जाती है। 
  • लोहे से फर्नीचर और खिड़की-दरवाजे भी बनाए जाते है।
  • बिजली और ईंधन से चलने वाली सभी तरह की मशीनें लोहे और लोहे से बने पार्ट्स से बनाई जाती है। 
  • लोहा शरीर में पोषक तत्व के रूप में कार्य करता है, शरीर में लोहा की कमी होने पर एनीमिया रोग जाता है, जिससे शरीर में खून की कमी हो जाती है। 
  • एक सामान्य वयस्क पुरुष को प्रतिदिन 7 मिलिग्रांम आयरन की आवश्यकता होती है जबकि एक सामान्य व्यस्क महिला को प्रतिदिन 11 मिलीग्राम आयरन की आवश्यकता होती है। 
  • लोहा का उपयोग चुम्बक (मेग्नेट) बनाने में किया जाता है। 
  • आयरन ऑक्साइड और एलुमिनियम पाउडर को मिला कर जलाया जाता है, इससे 2500 डिग्री सेल्सियस का उच्च तापमान उत्पन्न होता है, इसे थर्माइट रिएक्शन कहते है, इसका उपयोग विशेष प्रकार की स्पॉट वेल्डिंग करने के लिए किया जाता है।

 

लोहा के रोचक तथ्य

  • लोहा ब्रह्माण्ड में नौंवा सबसे अधिक मात्रा में पाया  वाला तत्व है।
  • लोहा धरती पर चौथा सबसे अधिक मात्रा में पाया जाने वाला तत्व है। 
  • लोहा धरती पर एलुमिनियम के बाद दूसरा सबसे अधिक मात्रा में पाया जाने वाला धातु है। 
  • शुद्ध लोहा अपेक्षाकृत नर्म  होता है। 
  • लोहा के कारण ही रक्त का रंग लाल होता है। 
  • सूक्ष्म मात्रा में लोहा हमारे शरीर में पोषक तत्व  रूप में कार्य करता है। 
  • लोहा का सबसे अधिक उपयोग स्टील बनाने में किया जाता है। 
  • लोहा सबसे अधिक उत्पादन ऑस्ट्रेलिया में होता है।


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