Sunday, January 10, 2021

हीलियम के गुण, उपयोग और रोचक तथ्य Helium in Hindi

हीलियम के गुण, उपयोग और रोचक तथ्य

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Helium in Hindi 

परिचय 

हीलियम एक गैस है, इसका वर्गीकरण अधातु के रूप में किया जाता है, तथा रासायनिक रूप से हीलियम एक तत्व है। इसका घनत्व 0.178 ग्राम प्रति 1000 घन सेंटीमीटर होता है। सामान्य तापमान पर हीलियम गैस अवस्था में पायी जाती है। हीलियम का गलनांक (पिघलने का तापमान) -272.2 डिग्री सेल्सियस (-458 डिग्री फेरेनाइट) होता है और इसका क्वथनांक (उबलने का तापमान) -268.9 डिग्री सेल्सियस (-452.07 डिग्री फेरेनाइट) होता है। हीलियम का सिंबल He होता है, तथा इसकी परमाणु संख्या 2 और इसका परमाणु भार 4.0026 amu होता है। हीलियम के परमाणु में 2 इलेक्ट्रान, 2 प्रोटॉन, 2 न्यूट्रॉन और 1 एनर्जी लेवल होता है। आवर्त सारणी (Periodic Table) में हीलियम ग्रुप 18, पीरियड 1 और ब्लॉक् (S) में स्थित होता है। 


हीलियम की खोज 1895 में स्कॉटिश केमिस्ट सर विलियम रामसे (Sir William Ramsay) ने की थी। 

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Helium Properties in Hindi


हीलियम के गुण 

  • हीलियम रंगहीन, गंधहीन और नॉन-टॉक्सिक गैस है। 
  • हीलियम हाइड्रोजन के बाद दूसरा सबसे हल्का तत्व है।
  • हीलियम रासायनिक रूप से निष्क्रिय गैस है। 
  • हीलियम किसी भी अन्य गैस की तुलना में जल में सबसे कम घुलनशील है। 
  • हीलियम सभी तत्वों में सबसे कम तापमान (-268.93 डिग्री सेल्सियस) पर तरल अवस्था में परिवर्तित होती है।
  • सामान्य दबाव पर हीलियम को ठोस अवस्था में परिवर्तित नहीं किया जा सकता, माइनस 273.15 डिग्री सेल्सियस तापमान (Absolute Zero) पर भी नहीं। 
  • हीलियम को ठोस अवस्था में परिवर्तित करने के लिए माइनस 273.15 डिग्री सेल्सियस तापमान के अलावा 337.92 PSI (23.298 बार) का दबाव रखा जाता है। 
  • माइनस 271 डिग्री सेल्सियस पर हीलियम तरल अवस्था में ही रहता है, परन्तु इस तापमान पर इसमें कुछ विचित्र गुण आ जातें है। माइनस 271 डिग्री सेल्सियस से ऊपर के तापमान पर हीलियम को हीलियम कहा जाता है और इससे कम के तापमान पर हीलियम को हीलियम 2 कहा जाता है।  
  • माइनस 271 डिग्री सेल्सियस पर हीलियम की विस्कॉसिटी शून्य हो जाती है और यह एक सुपरफ्लुइड बन जाती है। सुपरफ्लुइड ऐसा गुण है जिसमे यदि किसी पदार्थ को गतिमान किया जाये तो वह अनन्तकाल तक गतिमान रह सकता है। 
  • माइनस 271 डिग्री सेल्सियस पर हीलियम की थर्मल कंडक्टिविटी लाखों गुना बढ़ जाती है। 

हीलियम के उपयोग 

  • हीलियम एक निष्क्रिय गैस है और यह रक्त में नहीं घुलती इसलिए इसका उपयोग समुद्र में गोताखोरों के स्कूबा टैंक में ऑक्सीजन के साथ किया जाता है। हीलियम का उपयोग नाइट्रोजन के स्थान पर किया जाता है, ताकि गोताखोरों को नाइट्रोजन नारकोसिस नाम के लक्षणों से ग्रसित होने से बचाया जा सके।
  • हीलियम का उपयोग रॉकेटों के तरल ईंधन वाले टैंको को प्रेशराइज़ करने के लिए किया जाता है। 
  •  MRI स्कैनर में सुपरकंडक्टिंग मेगनेट्स को ठंडा रखने के लिए हीलियम का उपयोग किया जाता है। 
  • हीलियम का उपयोग सुपरसोनिक विंड टनल में किया जाता है। 
  • हीलियम का उपयोग सुपरकंडक्टिविटी का अध्ययन करने और सुपरकंडक्टिव मेगनेट बनाने में किया जाता है। 
  • हीलियम का उपयोग आर्क वेल्डिंग के दौरान सुरक्षा गैस के रूप में किया जाता है।  
  • हीलियम गैस का उपयोग उड़ने वाले गुब्बारों में किया जाता है। 
  • आजकल हीलियम का उपयोग एयरशिप (हीलियम से उड़ने वाले प्लेन) में किया जाने लगा है।
  • हीलियम का उपयोग पाइपलाइन में रिसाव चैक करने के लिए किया जाता है। 


हीलियम के रोचक तथ्य 

  • हीलियम ब्रह्माण्ड में हाइड्रोजन के बाद दूसरा सबसे अधिक मात्रा में पाया जाने वाला तत्व है। 
  • हीलियम की खोज सबसे पहले सूर्य पर की गयी थी। 
  • तारों के अंदर हाइड्रोजन के परमाणु नाभिकीय संलयन क्रिया द्वारा आपस में जुड़कर हीलियम का निर्माण करते है, इस दौरान बहुत बड़ी मात्रा में ऊर्जा निकलती है, जो तारों की ऊर्जा का स्रोत है।
  • हीलियम पृथ्वी की पपड़ी में पाए जाने वाले रेडियोएक्टिव तत्वों के क्षय से उत्पन्न होती है 
  • वायुमंडल में बहुत अल्प मात्रा में हीलियम पायी जाती है, यह हीलियम पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण से बंधी नहीं होती और लगातार अंतरिक्ष में विलीन होती रहती है। 
  • आवाज की गति हीलियम गैस में सामान्य हवा की तुलना में तीन गुना अधिक होती है।   

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