Wednesday, January 6, 2021

ऑक्सीजन के गुण, इसके उपयोग और रोचक जानकारी Oxygen in Hindi

ऑक्सीजन के गुण, इसके उपयोग और रोचक जानकारी 

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 ऑक्सीजन के गुण, उपयोग और रोचक तथ्य 

परिचय 

ऑक्सीजन एक गैस है, इसका वर्गीकरण अधातु के रूप में किया जाता है, तथा रासायनिक रूप से यह एक तत्व है। सामान्य तापमान पर यह गैस अवस्था में पायी जाती है। ऑक्सीजन का गलनांक (पिघलने का तापमान) -218.8 डिग्री सेल्सियस (-361.12 डिग्री फेरेनाइट) होता है और इसका क्वथनांक (उबलने का तापमान) -183 डिग्री सेल्सियस (-297.4 डिग्री फेरेनाइट) होता है। ऑक्सीजन का घनत्व (20 डिग्री सेल्सियस तापमान पर ) 1.429 ग्राम प्रति 1000 घन सेंटीमीटर होता है। ऑक्सीजन का सिंबल O होता है, तथा इसकी परमाणु संख्या 8 और इसका परमाणु भार 15.999 amu होता है। ऑक्सीजन के परमाणु में 8 इलेक्ट्रान, 8 प्रोटॉन, 8 न्यूट्रॉन और 2 एनर्जी लेवल पाए जाते है। आवर्त सरणी में ऑक्सीजन ग्रुप 16, पीरियड 2 और ब्लॉक् P में स्थित होता है। ऑक्सीजन की खोज 1774 में जोसफ प्रीस्टली (Joseph Priestly) ने की थी। 

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Oxygen Properties in Hindi


ऑक्सीजन के गुण 

  • ऑक्सीजन एक रंगहीन, स्वादहीन और गंधहीन गैस होती है। 
  • तरल अवस्था में ऑक्सीजन हलके नीले रंग के द्रव के रूप में दिखाई देती है। 
  • ऑक्सीजन स्वयं आग नहीं पकड़ती परन्तु यह किसी वस्तु के जलने में सहायक होती है, अर्ताथ कोई भी वस्तु ऑक्सीजन की उपस्थिति में ही जलती है। 
  • ऑक्सीजन गैस जल में मध्यम घुलनशील होती है। 
  • ऑक्सीजन रासायनिक रूप से सक्रीय गैस होती है, यह हीलियम, नियॉन, ऑर्गन और क्रिप्टॉन के अलावा सभी तत्वों से अभिक्रिया करके ऑक्साइड बनाती है। 
  • ऑक्सीजन के तीन स्वरुप प्रकृति में पाए जाते है, पहले स्वरूप में ऑक्सीजन का एक परमाणु होता है, इसे O द्वारा प्रदर्शित किया जाता है, ऑक्सीजन का यह स्वरूप रासायनिक रूप से अत्यधिक सक्रिय होता है, इसलिए ऑक्सीजन के दो परमाणु आपस में ही जुड़ कर ऑक्सीजन का एक अणु O2 बनाते है। O2 ऑक्सीजन का दूसरा स्वरूप है, यह प्रकृति में सबसे अधिक पाया जाता है। ऑक्सीजन का तीसरा स्वरूप O3 है, इसे ओजोन भी कहा जाता है, ओजोन (O3) के एक अणु में ऑक्सीजन के तीन परमाणु होते है। 
  • ऑक्सीजन एक पैरामैग्निटिक गैस होती है, अर्ताथ यह चुंबकीय क्षेत्र की ओर अल्प आकर्षित होती है। 

ऑक्सीजन के उपयोग 

  • ऑक्सीजन लगभग सभी जीवित प्राणियों के सांस लेने के लिए आवश्यक होती है, इसलिए यह ऑक्सीजन का सबसे महत्वपूर्ण उपयोग है। 
  • ऑक्सीजन का सबसे अधिक व्यावसायिक उपयोग इस्पात उद्योग में किया जाता है। इस्पात उद्योग में स्टील बनाने के लिए पिघले हुए पिग आयरन में मौजूद अशुद्धियों को उच्च दबाव की ऑक्सीजन की धाराओं के साथ जला दिया जाता है। 
  • ऑक्सीजन का उपयोग तांबा (copper), सीसा (Lead) और जस्ता (Zinc) धातुओं के उत्पादन में किया जाता है। 
  • तरल ऑक्सीजन और तरल हाइड्रोजन का उपयोग रॉकेट में ईंधन के रूप में किया जाता है। 
  • धातुओं को काटने के लिए और गैस वेल्डिंग के लिए ऑक्सीजन का उपयोग उच्च तापमान उत्पन्न करने के लिए ईंधन गैस (एलपीजी, एसिटिलीन आदि) के साथ किया जाता है।
  • ऑक्सीजन का उपयोग कई तरह के रसायन बनाने में किया जाता है जिनमे नाइट्रिक एसिड और हाइड्रोजन पैराऑक्साइड प्रमुख हैं। 
  • ऑक्सीजन के तीन परमाणुओं से बनने वाली ओजोन गैस सूरज की पराबैंगनी किरणों के विकिरण से धरती की रक्षा करती है। 


ऑक्सीजन के रोचक तथ्य 

  • ऑक्सीजन पृथ्वी पर सबसे अधिक मात्रा में पाया जाने वाला तत्व है, पृथ्वी के कुल भार का 46% भार केवल ऑक्सीजन के कारण है।  
  • वायुमंडल में लगभग 21% ऑक्सीजन उपस्स्थित है, इसके अलावा पृथ्वी पर उपस्थित सम्पूर्ण जल के भार का 90% भार ऑक्सीजन के कारण है। 
  • ऑक्सीजन ब्रह्माण्ड में तीसरा सबसे अधिक मात्रा में पाया जाने वाला तत्व है।  
  • हमारे शरीर में सबसे अधिक मात्रा में  वाला तत्व ऑक्सीजन है, हमारे शरीर के कुल भार का 65% भार ऑक्सीजन के कारण होता है। 
  • ऑक्सीजन के अणु हमारे शरीर में उपस्थित प्रोटीन और डीएनए का भी एक महत्वपूर्ण हिस्सा होते है। 
  • पृथ्वी के वायुमंडल में उपस्थित ऑक्सीजन पौधों द्वारा प्रकाशसंश्लेषण क्रिया के दौरान बनाई जाती है। इसलिए पौधों के बिना वायुमंडल में ऑक्सीजन की मात्रा बहुत कम हो जाएगी।  
  • वायुमंडल में 21% ऑक्सीजन उपस्थित है। प्रकृति द्वारा ऑक्सीजन की यह मात्रा आश्चर्यजनक रूप से संतुलित की गयी है, क्योकि यदि वायुमंडल में ऑक्सीजन की मात्रा 17% से कम हो जाये तो प्राणियों को सांस लेने में दिक्कत होने लगेगी और यदि ऑक्सीजन की मात्रा 25% से अधिक बढ़ जाये, तो ऑक्सीजन की यह मात्रा कई कार्बनिक यौगिकों के लिए अत्यधिक जवलनशील होती है, जिससे आग लगने की घटनाओं में कई गुना की वृद्धि हो जाएगी। 
  • 50% से अधिक शुद्धता की ऑक्सीजन युक्त हवा में लम्बे समय तक सांस लेने से फेफड़ों को नुक्सान पहुँचता है। 
  • ओजोन गैस जिसके अणु ऑक्सीजन के तीन परमाणुओं से बने होते है, यह ओजोन गैस शवसन के लिए हानिकारक होती है। ओजोन गैस में सांस लेने ने फेफड़े बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो जाते है।  


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