Sunday, January 31, 2021

रेडॉन (Radon) गैस के गुण उपयोग और रोचक तथ्य Radon Gas in Hindi

रेडॉन (Radon) गैस के गुण उपयोग और रोचक तथ्य

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Radon Gas in Hindi

रेडॉन (Radon) गैस का परिचय

रेडॉन गैस का वर्गीकरण अधातु के रूप में किया जाता है। रेडॉन एक नोबल गैस है, तथा रासायनिक रूप से यह एक तत्व है। रेडॉन का सिंबल Rn, परमाणु संख्या 86 तथा परमाणु भार 222 amu होता है। रेडॉन के परमाणु में 86 इलेक्ट्रान, 86 प्रोटॉन, 136 न्यूट्रॉन और 6 एनर्जी लेवल होते है। आवर्त सारणी (Periodic Table) में रेडॉन ग्रुप 18, पीरियड 6 और ब्लॉक् (P) में स्थित होता है। रेडॉन का घनत्व 9.73 ग्राम प्रति 1000 घन सेंटीमीटर होता है। सामान्य तापमान पर रेडॉन, गैस अवस्था में पायी जाती है। इसका गलनांक (पिघलने का तापमान) -71 डिग्री सेल्सियस (-96 डिग्री फेरेनाइट) होता है, इससे कम तापमान पर यह गैस ठोस अवस्था में पायी जाती है, इसका क्वथनांक (उबलने का तापमान) -61.7 डिग्री सेल्सियस (-79.1 डिग्री फेरेनाइट) होता है।


रेडॉन की खोज जर्मन केमिस्ट फ्रेड्रिक एर्न्स्ट डॉर्न (Fredrich Ernst Dorn) ने 1900 में थी।

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Radon Gas Properties in Hindi

रेडॉन (Radon)  गैस के गुण 

  • रेडॉन रासायनिक रूप से निष्क्रिय गैस है। 
  • रेडॉन रंगहीन और गंधहीन गैस है। 
  • रेडॉन रेडियोएक्टिव गैस होती है। 
  • माइनस 71 डिग्री सेल्सियस से कम तापमान पर रेडॉन गैस ठोस अवस्था में पायी जाती है। ठोस अवस्था में रेडॉन गैस पिले रंग में चमकती है। तापमान में और अधिक कमी होने पर इसकी चमक नारंगी-लाल हो जाती है। 
  • रेडॉन, फ्लोरिन से प्रतिक्रिया करके रेडॉन फ्लोराइड (RnF) नाम का एकमात्र यौगिक बनाती है। 
  • रेडॉन गैस जल में घुलनशील होती है। 


रेडॉन (Radon) गैस के उपयोग

  • रेडॉन का क्षय होने के बाद यह रेडियोएक्टिव पोलोनियम और अल्फ़ा कणों में बदल जाती है। इस उत्सर्जित विकिरण के कारण रेडॉन का उपयोग कैंसर की चिकित्सा में किया जाता है। 
  • रेडॉन का उपयोग हइड्रोलॉजिक रिसर्च में किया जाता है। 
  • रेडॉन का उपयोग भूगर्भिक रिसर्च में वायु के द्रव्यमान को ट्रैक करने में किया जाता है। 
  • रेडॉन का उपयोग भूकंप का अनुमान लगाने में किया जाता है। 


रेडॉन (Radon) गैस के रोचक तथ्य

  • प्राकृतिक रूप से रेडॉन गैस चट्टानों में पाए जाने वाले रेडियम-226 और यूरेनियम के क्षय से उत्पन्न होती है।
  • रेडॉन सभी गैसीय तत्वों में सबसे भारी तत्व है, यह गैस साधारण हवा से लगभग 7.5 गुना अधिक भारी होती है।
  • रेडॉन गैस तरल अवस्था में एक रंगहीन तरल के समान होती है, जबकि ठोस अवस्था में यह पिले रंग में चमकती है, इसकी यह चमक इसमें उपस्थित अत्यधिक रेडिएशन के कारण होती है।
  • यूरेनियम पृथ्वी की पपड़ी में व्यापक रूप से पाया जाता है, और यह किसी भी घर या ईमारत के नीचे सूक्ष्म मात्रा में उपस्थित हो सकता है, यूरेनियम के क्षय से ही रेडॉन गैस उत्पन्न होती है, इसलिए घर या इमारतों के तहखानों में रेडॉन गैस का रिसाव हो सकता है, यह भारी गैस होने के कारण तहखानों में एकत्रित हो सकती है, कई घरों में रेडॉन का स्तर सामान्य से कई गुना अधिक हो सकता है। रेडॉन एक रेडियोएक्टिव गैस होती है, जिसमें सांस लेने से फेफड़ो की कोशिकाएं नस्ट हो जाती है और इससे फेफड़ों का कैंसर होने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। इसलिए किसी भी तहखाने में ताजी हवा के आदान प्रदान की उचित व्यवस्था की जानी चाहिए, जिससे यदि रेडॉन गैस का रिसाव हो रहा हो तो वह एकत्रित न हो सके और यह गैस लगातार बाहर निकलती रहे। 
  • सिगरेट के बाद रेडॉन गैस फेफड़ों के कैंसर के लिए दूसरा सबसे बड़ा कारण माना जाता है। 

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