जर्मेनियम (Germanium) के गुण उपयोग और रोचक जानकारी Germanium in Hindi

जर्मेनियम (Germanium) के गुण उपयोग और रोचक जानकारी Germanium in Hindi

 

जर्मेनियम (Germanium) का परिचय 

जर्मेनियम (Germanium) का वर्गीकरण उपधातु (Metalloid) के रूप में किया जाता है, तथा रासायनिक रूप से यह एक तत्व है। उपधातु (Metalloid) ऐसे तत्व होते है जो धातु और अधातु दोनों के गुण प्रदर्शित करते है। जर्मेनियम सामान्य तापमान पर ठोस अवस्था में पाया जाता है, इसका गलनांक (पिघलने का तापमान) 938 डिग्री सेल्सियस (1720 डिग्री फेरेनाइट) होता है, तथा इसका क्वथनांक (उबलने का तापमान) 2833 डिग्री सेल्सियस (5131 डिग्री फेरेनाइट) होता है, इससे अधिक तापमान पर  जर्मेनियम, गैस अवस्था में पाया जाता है। जर्मेनियम का घनत्व 5.323 ग्राम प्रति घन सेंटीमीटर होता है। जर्मेनियम का सिंबल Ge, परमाणु संख्या 32 और परमाणु भार 72.63 amu होता है। जर्मेनियम के परमाणु में 32 इलेक्ट्रान, 32 प्रोटॉन, 41 न्यूट्रॉन और 4 एनर्जी लेवल होते है, तथा आवर्त सारणी (Periodic Table) में जर्मेनियम, ग्रुप 14, पीरियड 4 और ब्लॉक् (P) में स्थित होता है।

 

जर्मेनियम की खोज जर्मन केमिस्ट क्लेमेंस विंकलर (Clemens Winkler) ने 1886 में की थी। 

Germanium-ke-gun, Germanium-ke-upyog, Germanium-ki-Jankari, Germanium-in-Hindi, Germanium-information-in-Hindi, Germanium-uses-in-Hindi, जर्मेनियम-के-गुण, जर्मेनियम-के-उपयोग, जर्मेनियम-की-जानकारी
Germanium in Hindi

 

जर्मेनियम (Germanium) के गुण 

Germanium-ke-upyog, Germanium-ki-Jankari, Germanium-in-Hindi, Germanium-information-in-Hindi, Germanium-uses-in-Hindi, जर्मेनियम-के-गुण, जर्मेनियम-के-उपयोग, जर्मेनियम-की-जानकारी
Germanium Properties in Hindi
  • जर्मेनियम सिल्वर-सफ़ेद रंग का चमकीला पदार्थ होता है, जो धातु की तरह दिखता है, परन्तु यह कठोर तथा अत्यंत भंगुर होता है और आसानी से टूट जाता है, जबकि धातु आसानी से नहीं टूटते। 
  • जर्मेनियम एक अर्धचालक होता है, अर्धचालक ऐसे पदार्थ होते है, जो विधुत के कुचालक पदार्थो (जैसे लकड़ी, रबर आदि) की तुलना में बेहतर विधुत प्रवाहित करते है, परन्तु विधुत के सुचालक पदार्थो (जैसे चांदी, तांबा, लोहा आदि) की तुलना में कम विधुत प्रवाहित करते है।

  • जर्मेनियम की संरचना हिरे के सामान होती है, तथा इसके रासायनिक और भौतिक गुण सिलिकॉन के समान होते है। 
  • जर्मेनियम रासायनिक रूप से कम सक्रीय तत्व है, यह सामान्य तापमान पर ऑक्सीजन से प्रतिक्रिया नहीं करता।  यह उच्च तापमान पर ही ऑक्सीजन से प्रतिक्रिया करता है। 
  • चूर्ण (पाउडर) के रूप में जर्मेनियम रासायनिक रूप अधिक सक्रीय होता है। 
  • जर्मेनियम नाइट्रिक एसिड के अलावा किसी अन्य एसिड से प्रतिक्रिया नहीं करता।  
  • जर्मेनियम ऐसे कुछ तत्वों में से एक होता है, जिन्हें अत्यधिक ठंडा (Freeze) करने पर उनके आयतन में वृद्धि हो जाती है। 
  • जर्मेनियम पानी में नहीं घुलता। 

👉आवर्त सारणी के सभी तत्वों की हिंदी में विस्तृत जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें,  (Click here for detailed information on Periodic Table Elements in Hindi)

 

जर्मेनियम (Germanium) के उपयोग 

  • जर्मेनियम का सबसे उपयोग इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग में ट्रांजिस्टर के रूप में किया जाता था, परन्तु अब इसकी जगह अन्य सेमीकंडक्टरों का प्रयोग किया जाता है।  
  • आज जर्मेनियम का अधिकतर उपयोग फाइबर ऑप्टिक के निर्माण में किया जाता है। 
  • जर्मेनियम और जर्मेनियम ऑक्साइड इंफ्रारेड विकिरण के लिए पारदर्शी है, इसलिए इसका उपयोग इंफ्रारेड स्पेक्ट्रोस्कोप में किया जाता है।
  • जर्मेनियम कुछ बैक्टीरिया के लिए विषाक्त होता है, इसलिए फार्मासूटिकल्स में इसके उपयोग के लिए अध्ययन किये जा रहे है। 
  • जर्मेनियम का उपयोग कैमरा के लिए वाइड एंगल लेंस और माइक्रोस्कोप के लिए लेंस बनाने  जाता है।
  • जर्मेनियम का उपयोग अँधेरे में उपयोग में आने वाले सैन्य उपकरणों के लिए विशेष ग्लास बनाने के लिए किया जाता है। 

  • जर्मेनियम का उपयोग सेटेलाइट सिस्टम और फायर अलार्म सिस्टम के लिए विशेष ग्लास बनाने में किया जाता है। 
  • कुछ प्रकार के प्लास्टिक के उत्पादन में जर्मेनियम का उपयोग उत्प्रेरक के रूप में किया जाता है। 
  • चांदी में 1% जर्मेनियम मिलाया जाता है, जिससे चांदी की चमक समय के साथ ख़राब नहीं होती। 
  • जर्मेनियम का उपयोग फ्लोरोसेंट लैंप में फास्फोर के रूप में जाता है। 

 

जर्मेनियम (Germanium) रोचक जानकारी 

  • जर्मेनियम पृथ्वी की पपड़ी में 55 वॉ सबसे अधिक मात्रा में पाया जाने वाला तत्व है। 
  • जर्मेनियम हाइड्रेट और जर्मेनियम टेट्राहाइड्रेट अत्यधिक ज्वलनशील होते है, तथा हवा के साथ मिलने पर यह विस्फोटक हो जाते है।
  • जर्मेनियम के मुख्य अयस्क जर्मेनाइट (Germanite) और अर्गीरोडाइट (Argyrodite) होते है। जर्मेनियम के दोनों मुख्य अयस्क अत्यंत दुर्लभ होते है। 
  • जस्ता (Zink) के उत्पादन के दौरान जर्मेनियम को एक उपउत्पाद के रूप में प्राप्त किया जाता है।  
  • हम प्रतिदिन लगभग 1 मिलीग्राम जर्मेनियम ग्रहण करते है।
  • दुनिया में जर्मेनियम का सबसे अधिक उत्पादन चीन में किया जाता है।  
 

Leave a Comment

error: Content is protected !!