सेलेनियम (Selenium) के गुण उपयोग और रोचक जानकारी Selenium in Hindi

सेलेनियम (Selenium) के गुण उपयोग और रोचक जानकारी Selenium in Hindi

 

सेलेनियम (Selenium) का परिचय

सेलेनियम (Selenium) का वर्गीकरण अधातु के रूप में किया जाता है, तथा रासायनिक रूप से सेलेनियम एक तत्व है। सेलेनियम  कई अलग-अलग स्वरूपों (Allotropes) में पाया जाता है, सेलेनियम  का घनत्व 4.79 ग्राम प्रति घन सेंटीमीटर होता है। सेलेनियम का सिंबल Se, परमाणु संख्या 34 तथा इसका परमाणु भार 78.96 amu होता है। सेलेनियम के परमाणु में 34 इलेक्ट्रान, 34 प्रोटॉन, 45 न्यूट्रॉन और 4 एनर्जी लेवल होते है, तथा आवर्त सारणी (Periodic Table) में सेलेनियम, ग्रुप 16, पीरियड 4 और ब्लॉक् P में स्थित होता है। सामान्य तापमान पर सेलेनियम ठोस अवस्था में पाया जाता है, इसका गलनांक (पिघलने का तापमान) 217 डिग्री सेल्सियस (422.6 डिग्री फेरेनाइट) होता है, तथा इसका क्वथनांक (उबलने का तापमान) 685 डिग्री सेल्सियस (1265 डिग्री फेरेनाइट) होता है। इससे अधिक तापमान पर सेलेनियम गैस अवस्था में पाया जाता है। 

 

सेलेनियम की खोज स्वीडिश केमिस्ट जॉन्स जैकब बर्जेलियस (Jons Jacob Berzelius) ने 1817 में  की थी। 

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Selenium in Hindi

 

सेलेनियम (Selenium) के गुण 

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Selenium Properties in Hindi

 

  • सेलेनियम कई अलग-अलग स्वरूपों (Allotropes) में पाया जाता है, परन्तु मुख्य रूप से इसके दो स्वरूप पाए जाते है, पहला लाल रंग के पाउडर जैसा होता है जो मुख्यतः मिटटी के ढेले के समान दिखाई देता है, तथा दूसरा सिल्वर रंग का पदार्थ होता है जिसमें हलकी नीली झलक होती है जो धातु के सामान दिखाई देती है।
  • सेलेनियम एक सेमि-कंडक्टर होता है, सेमि-कंडक्टर ऐसे पदार्थ होते है जो विधुत के कुचालक पदार्थो (जैसे लकड़ी, रबर आदि) के तुलना में बेहतर विधुत प्रवाहित करते है, परन्तु विधुत के सुचालक पदार्थो (जैसे सिल्वरकॉपर, लोहा या अन्य कोई मेटल) की तुलना में कम विधुत प्रवाहित करते है। 

  • सेलेनियम एक फोटोकंडक्टर पदार्थ है, फोटोकंडक्टर ऐसे पदार्थ होते है जो प्रकाश को विधुत ऊर्जा में परिवर्तित करते है।
  • सेलेनियम पर गिरने वाली प्रकाश की मात्रा के अनुसार इसकी विधुत सुचालकता प्रभावित होती है, जैसे अधिक प्रकाश गिरने पर सेलेनियम के विधुत सुचालकता बढ़ जाती है और कम प्रकाश गिरने पर विधुत सुचालकता कम हो जाती है। 
  • सेलेनियम में AC करेंट को DC करेंट में परिवर्तित करने का गुण पाया जाता है। 
  • सेलेनियम रासायनिक रूप से सक्रीय तत्व है, यह हाइड्रोजन, फ्लोरिन, क्लोरीन और ब्रोमिन के साथ बड़ी आसानी से प्रतिक्रिया करता है। 
  • तरल सेलेनियम की सरफेस टेंशन (Surface Tension) बहुत अधिक होती है। 

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सेलेनियम (Selenium) के उपयोग 

  • सेलेनियम का सबसे अधिक उपयोग कांच बनाने में और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग में किया जाता है।
  • सेलेनियम का उपयोग सोलर सेल के उत्पादन में किया जाता है।  
  • सेलेनियम की विधुत सुचालकता इस पर पड़ने वाले प्रकाश के अनुसार प्रभावित होती है, इसलिए इस गुण के कारण सेलेनियम का प्रयोग कैमरों और फोटोकॉपी मशीनों में जाता है। 
  • सेलेनियम का उपयोग स्टेनलेस-स्टील के उत्पादन में किया जाता है। 
  • सेलेनियम का उपयोग रेक्टिफायर उपकरणों में किया जाता है, रेक्टिफायर ऐसे उपकरण होते है जो AC करंट को DC करंट में परिवर्तित करते है।
  • सेलेनियम का उपयोग कंप्यूटर, मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक गेम आदि इसलिट्रोनिक्स उपकरणों में किया जाता है। 
  • कुछ सेलेनियम यौगिकों का उपयोग कांच को लाल रंग देने में किया जाता है। 
  • सेलेनियम का उपयोग सिरेमिक, प्लास्टिक और पेंट के लिए रंजक (पिग्मेंट) बनाने के लिए किया जाता है। 

  • सेलेनियम हमारे सिर में होने वाली रूसी (डैंड्रफ) के लिए जिम्मेदार कवक (फंगस) के लिए विषाक्त होता है, इसलिए इसका उपयोग एंटी-डैंड्रफ शैम्पू में किया जाता है।  
  • सेलेनियम का उपयोग वल्कनीकृत रबर को बेहतर घर्षणरोधी बनाने के लिए किया जाता है। 
  • सोडियम-सेलेनाइट का उपयोग पशुओ की खुराक में किया जाता है। 

 

सेलेनियम (Selenium) की रोचक जानकारी 

  • सेलेनियम और टेल्यूरियम पृथ्वी में साथ-साथ पाए जाते है ये एक दूसरे से जुड़े होते है तथा इनके कुछ गुण भी एक समान ही होते है।
  • सेलेनियम एक दुर्लभ तत्व है, इसकी अल्प मात्रा पृथ्वी की पपड़ी में व्यापक रूप से वितरित है, अतः इसका कोई मुख्य अयस्क नहीं होता जिससे इसको प्राप्त किया जाये, इसलिए सेलेनियम को अन्य धातुओं के खनन के समय एक उप-उत्पाद के रूप में प्राप्त किया जाता है। मुख्य रूप से सेलेनियम को तांबा, लोहा और सीसा के अयस्कों से प्राप्त किया जाता है।
  • सेलेनियम चांदी (Silver) की तुलना में कहीं अधिक दुर्लभ होता है। 
  • सेलेनियम हमारे लिए एक आवश्यक पोषक तत्व होता है, हमें इसकी सूक्ष्म मात्रा की आवश्यकता होती है, तथा हमारे शरीर में लगभग 14 मिलीग्राम सेलेनियम उपस्थित होता है। शरीर में सेलेनियम की कमी कई स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बनती है परन्तु शरीर में इसकी अधिकता विषाक्त होती है।    
  • सेलेनियम पारे (Mercury) की विषाक्ता से सुरक्षा प्रदान करता है। 

 

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