बिना कसरत मोटापा कम करने के आसान और कारगर उपाय Weight loss tips in Hindi - GYAN OR JANKARI

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Thursday, July 29, 2021

बिना कसरत मोटापा कम करने के आसान और कारगर उपाय Weight loss tips in Hindi

बिना कसरत मोटापा कम करने के आसान और कारगर उपायों की जानकारी 


आज के समय में बढ़ा हुआ वजन कुछ सबसे बड़ी स्वास्थ्य समस्याओं में से एक माना जाता है, क्योकि अधिकतर बीमारियों का मूल कारण बढ़ा हुआ वजन ही होता है।  खान-पान और दिनचर्या में थोड़ी से भी लापरवाही करने पर किसी भी व्यक्ति का वजन बड़ी आसानी से बढ़ जाता है, परन्तु उस बढे हुए वजन को कम करना बहुत ही कठिन कार्य होता है, इसलिए अधिकतर लोग जब एक बार मोटे हो जाते है, तो वे जीवनभर मोटे ही रहते है, ऐसे बहुत ही कम लोग होते है जो एक बार मोटे होने के बाद फिर से अपने वजन को सामान्य कर पाते है, क्योकिं मोटापा को कम करने के लिए बहुत ही दृढ इच्छाशक्ति के साथ बहुत लम्बे समय तक प्रयास करने पड़ते है, लेकिन ऐसी दृढ इच्छाशक्ति अधिकतर लोगो में नहीं होती, इसलिए वे अपने वजन को कभी कम कर ही नहीं पाते। 


इसलिए, यदि हम कुछ ऐसे स्मार्ट उपाय करें, जिससे हम अपने भोजन की गुणवक्ता कम किये बिना अपने शरीर में एक्स्ट्रा कैलोरी जमा होने से रोक सकें, तो हम बिना मेहनत किये थोड़े समय में ही अपने वजन को बड़ी आसानी से सामान्य स्तर पर ला सकते है, ऐसे ही कुछ स्मार्ट उपायों की जानकारी इस पोस्ट में आगे दी गयी है। 

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वजन बढ़ने का सबसे प्रमुख कारण 

मोटापा कम करने के लिए सबसे पहले वजन बढ़ने के कारणों के बारे में जानना बहुत जरुरी है। वैसे तो मोटापा बढ़ने के अनगिनत कारण है, परन्तु उनमें से सबसे प्रमुख कारण है भोजन से प्राप्त होने वाली ऊर्जा के बराबर परिश्रम ना करना। 


हमें किसी भी कार्य को करने के लिए ऊर्जा या कैलोरी की आवश्यकता होती है, यह ऊर्जा हम भोजन  से प्राप्त करते है, जब हम अधिक भोजन करते है या जायदा कैलोरी वाला भोजन करते है (जैसे तला हुआ भोजन, तेल या बटर युक्त चिकनाई वाला भोजन आदि) और उस भोजन से प्राप्त होने वाली ऊर्जा के अनुपात में पर्याप्त  परिश्रम नहीं करते, तो वह ऊर्जा, चर्बी या वसा के माध्यम से हमारे शरीर में जमा होने लगती है जिससे मोटापा बढ़ने लगता है। 


मोटापा से ग्रसित व्यक्ति एक दुष्चक्र में फंस जाते है, जिसके कारण उन्हें वजन कम करने में बहुत अधिक परेशानी होती है। मोठे व्यक्ति अपने मोटापे के कारण अधिक परिश्रम नहीं कर पाते और जल्दी थक जाते है, जिसके कारण उनके शरीर की वसा लगातार बढ़ने लगती है, और जितनी वसा बढ़ती जाती है, उनकी कार्य और परिश्रम करने के क्षमता उतनी ही कम होती जाती है, जिसके कारण और अधिक मोटापा बढ़ने लगता है, इस दुष्चक्र के कारण मोटापे से ग्रसित व्यक्ति का वजन लगातार बढ़ता रहता है। 


मोटापा कम करने के उपाय 

सामान्य रूप से मोटापा कम करने के केवल दो ही उपाय हो सकते है, पहला कठोर परिश्रम करके शरीर में जमा हुई चर्बी को जलाना। दूसरा कम कैलोरी वाला भोजन करना जिससे हमारे शरीर में अधिक चर्बी एकत्रित नहीं हो सके, इसे भोजन पर नियंत्रण करना या डाइट कंट्रोल करना भी कहते है। 


अपनी डाइट को नियंत्रित करके वजन कम करना, परिश्रम करके वजन कम करने की तुलना में कहीं अधिक कारगर और सरल होता है, क्योकि हम कितना भी परिश्रम क्यों न कर लें, यदि हम हम अपनी आवश्यकता से अधिक कैलोरी ग्रहण करेंगे तो वह अतिरिक्त कैलोरी हमारे शरीर में चर्बी के रूप जमा होती रहेगी और परिश्रम करने के बावजूद हमारा वजन कम नहीं होगा। 


बहुत से लोग सुबह-शाम घूमते है, जिम जाते है, परिश्रम करते है, परन्तु अपनी डाइट पर ध्यान नहीं देते, जिसके कारण मेहनत करने के बावजूद उनका वजन कम नहीं होता। जब उनका वजन कम नहीं होता, और उन्हें उचित परिणाम नहीं मिलते, तो अधिकतर लोग हतोत्साहित हो जाते है और परिश्रम करना छोड़ देते है, क्योकि उनके अनुसार जब इतना परिश्रम करने के बाद भी जब उनका वजन कम नहीं हो रहा तो फिर परिश्रम करने का क्या फायदा, परन्तु ऐसे लोग यह नहीं जानते की परिश्रम करते रहने से उनका वजन एक सिमा के अंदर स्थिर बना रहता है, उनका वजन ज्यादा नहीं बढ़ पाता और उनमे परिश्रम करने की क्षमता भी बढ़ने लगती है, उन्हें जल्दी थकान नहीं होती और वे अधिक परिश्रम कर पाते है, जिससे उनका स्वास्थ्य भी पहले से बेहतर हो रहा होता है, परन्तु जब वे लोग हतोत्साहित होकर परिश्रम करना छोड़ देते है, तो उनका वजन फिर से बढ़ने लगता है और उनकी कार्य करने की क्षमता कम होने लगती है। इसलिए यदि परिश्रम करने के साथ-साथ अपनी डाइट पर भी नियंत्रण किया जाये तो वजन कम करने में बहुत आसानी होती है।  


इसलिए मोटापा को जल्दी कम करने के लिए इन दोनों तरीकों का एक साथ प्रयोग किया जा सकता है, अर्ताथ यदि भोजन पर नियंत्रण करके उचित परिश्रम किया जाये तो मोटापे को बहुत जल्दी नियंत्रित किया जा सकता है। 


शरीर की कैलोरी/चर्बी कम करने के स्मार्ट उपाय 

हम अपने भोजन से अतिरिक्त कैलोरी को हटाकर, कुछ हद तक भोजन के लालच को छोड़कर और कुछ आसान दिनचर्या नियमों को अपनाकर बड़ी आसानी से अपने बढे हुए वजन को नियंत्रित कर सकते है। इसके लिए हम कुछ आसान उपायों को अपना सकते है, जिनमें से कुछ इस प्रकार है:-  


(1) अपने भोजन की मात्रा को निश्चित करें 

हमें अपने द्वारा ग्रहण किये जाने वाले भोजन की मात्रा को निश्चित करना चाहिए, निश्चित मात्रा से अधिक भोजन ग्रहण नहीं करना चाहिए। आमतौर पर हम दिनभर में दो से तीन बार तक भोजन करते है। जिसमे एक सुबह का नाश्ता होता है, दोपहर का भोजन होता है और रात का भोजन होता है। एक निश्चित मात्रा में भोजन करने के बाद हमें महसूस होता है की हमारा पेट भर गया है। पेट भरने लायक भोजन की यह मात्रा हर व्यक्ति के लिए अलग-अलग होती है। हम इसे रोटी या चपाती के उदाहरण से समझ सकते है, क्योकि रोटी या चपाती के नाम से अधिकतर लोग परिचित होते है। 


मान लेते है चार चपाती/रोटी खाने के बाद हमारा पेट भर जाता है तो हमें चार रोटी के अलावा और कुछ अधिक नहीं खाना चाहिए, जैसे कई बार हमारे घरों में कई तरह के भोजन एक साथ बनाये जाते है जैसे रोटी-सब्जी के साथ चावल और कुछ मीठा बना लिया, तो अधिकतर लोग चार रोटी के साथ कुछ मात्रा में चावल और मीठा भी खा लेंगे, जो की एक्स्ट्रा भोजन हो जाता है। हमें ऐसा नहीं करना चाहिए, क्योकि हम जानते है की हमारा पेट चार रोटी से भर जाता है, तो चार रोटी के अलावा हम जो भी एक्स्ट्रा खायेंगे वह अतिरिक्त भोजन हमारे मोटापे में वृद्धि करेगा। इससे बचने के लिए हम दो रोटी के साथ, एक रोटी के बराबर चावल और एक रोटी के बराबर मीठा खा सकते है। इस प्रकार हम सभी प्रकार के व्यंजन खाने के बाद भी भोजन की एक निश्चित मात्रा ही ग्रहण करेंगें और हमारे शरीर में कैलोरी की अतिरिक्त मात्रा जमा नहीं होगी। 


कई बार यह देखा जाता है, की हम सुबह के नाश्ते, दोपहर के भोजन और रात के भोजन के अलावा भी कुछ एक्स्ट्रा खा लेते है, यह भी अतिरिक्त भोजन होता है, जिसके कारण हमारा वजन बढ़ता है। मान लेते है, हमने सुबह का नाश्ता और दोपहर का भोजन कर लिया, शाम को इच्छा हुई तो हमने पोहे का नाश्ता कर लिया, या किसी मित्र साथ कहीं बहार गए तो पिज्जा या कचौरी या समोसा कुछ खा लिया, इसके बाद रात को फिर से भरपेट चार रोटी खा ली। हमें इस प्रकार अतिरिक्त भोजन नहीं करना चाहिए यदि हम शाम को कुछ अतिरिक्त खा लेते है, तो हमें उसी अनुपात में रात के भोजन की मात्रा कम कर देनी चाहिए, इस प्रकार हम अपने शरीर में अतिरिक्त चर्बी एकत्रित होने से रोक सकते है। 


इसके अलावा कई बार हम अपने घरों में देखते है, की यदि भोजन स्वादिष्ट बन जाता है, तो हम कुछ एक्स्ट्रा भोजन खा लेते है, कई बार हम घरवालों को यह कहते सुनते है, की आज तो सब्जी बड़ी स्वादिष्ट बनी तो मैंने दो रोटी एक्स्ट्रा खा ली। यह एक्स्ट्रा भोजन हमारे शरीर में चर्बी के रूप में जमा हो जाता है, इसलिए वजन कम करने के लिए हमें इस प्रकार भोजन का लालच बिलकुल नहीं करना चाहिए, हमें निश्चित मात्रा में ही भोजन ग्रहण करना चाहिए। 


हमें कुछ भी एक्स्ट्रा भोजन करते समय यह हमेशा याद रखना चाहिए की यह एक्स्ट्रा भोजन हमारे शरीर में चर्बी के रूप में जमा हो जायेगा, जिसे कम करने के लिए हमें बहुत अधिक परिश्रम करना पड़ेगा, क्योकि परिश्रम के अतिरिक्त चर्बी को कम करने का कोई अन्य उपाय नहीं है, इसलिए यदि हम वजन कम करने के लिए पर्याप्त परिश्रम नहीं कर सकते, तो हमें इस बात का पूरा ध्यान रखना चाहिए की हम अपने शरीर में अतिरिक्त चर्बी जमा ना होने दें।   

 

(2) भोजन में फल और सलाद को शामिल करें 

मोटापा को करने के लिए हमें अपने भोजन में कम कैलोरी वाली चीजे जैसे टमाटर-ककड़ी-प्याज की सलाद और फल इस प्रकार शामिल करने चाहिए, की हमारे भोजन की निश्चित मात्रा में वृद्धि न हो। सामान्यतः जब हम फ्रूट और सलाद खाते है, तो हम उन्हें भोजन के रूप में मान्यता नहीं देते, हम दिन में कभी भी कुछ फ्रूट खा लेते है और भोजन का समय होने पर पेट भर भोजन भी कर लेते है, या फिर पेट भर भोजन करने  के बाद कुछ फ्रूट खा लेते है। फ्रूट हमारे लिए ऐसे स्नैक्स की तरह होता है, जिसे कभी भी खाया जा सकता है। इसलिए फ्रूट में कम कैलोरी होने के बावजूद वह हमारे मोटापे में वृद्धि कर देता है, क्योकि वह एक एक्स्ट्रा भोजन होता है। 


इसलिए वजन कम करने के लिए हमें फ्रूटस को भोजन के साथ खाना चाहिए। मान लेते है की चार रोटी खाने से हमारा पेट भर जाता है, तो हम तीन रोटी साथ एक रोटी के बराबर फल या सलाद खा सकते है। इस प्रकार हम एक निश्चित मात्रा में भोजन ग्रहण करेगें और हमारा वजन नहीं बढ़ेगा। 


अन्न से बनी रोटी में फलों या सलाद की तुलना में कहीं अधिक कैलोरी होती है, गेहूं के आटे से बनी 75 से 80 ग्राम की एक रोटी में लगभग 200 कैलोरी होती है, जिस पर यदि 5 ml (एक टी स्पून) देसी घी लगा दिया जाये, जिसमे लगभग 48 कैलोरी होती है, तो एक रोटी में कुल 250 कैलोरी हो जाती है। जबकि किसी भी फल या सलाद की सौ ग्राम मात्रा में केवल 40 से 60 कैलोरी ही होती है। इसलिए हमें अपने भोजन में फल और सलाद को शामिल करना चाहिए, इसके लिए यदि हम चार रोटी की जगह केवल तीन रोटी खाये और एक रोटी के स्थान पर कुछ फल या सलाद खा लें, तो इससे हमारे एक समय के भोजन से लगभग 150 से 200 कैलोरी बड़ी आसानी के कम हो जाएगी, इस प्रकार यदि हम दिन में दो बार भी भोजन करते है, तो हम अपने भोजन से प्रतिदिन 300 से 400 कैलोरी बड़ी आसानी से कम कर सकते है, जिससे बिना किसी मेहनत के हमारा वजन कम होने लगेगा। इसके अलावा भोजन में फल और सलाद शामिल करने से हमें भरपूर विटामिनस और फाइबर भी मिलेगें, जिससे हमारे पाचन और स्वास्थ्य में भी बहुत सुधार होगा। 


(3) सब्जी और अचार के तेल से बचें 

घी या तेल में किसी भी खाद्य पदार्थ की तुलना में सबसे अधिक कैलोरी पायी जाती है, एक लीटर (1000 ml) घी या तेल में लगभग 9000 से 10000 तक कैलोरी होती है। किसी भी भारतीय रसोई में बिना तेल के कोई सब्जी नहीं बनाई जाती। सब्जी में जितना ज्यादा तेल होता है उस सब्जी को उतना ही अच्छा और स्वादिष्ट माना जाता है। इसके अलावा अचार में भी बहुत अधिक तेल का प्रयोग किया जाता है। अधिकतर लोग किसी स्वादिष्ट सब्जी या अचार के साथ उसका पूरा तेल भी खा जाते है, जिसके कारण उनके शरीर में बहुत अधिक कैलोरी पहुंच जाती है और उनका वजन बढ़ने लगता है। 


सब्जी के बनने के बाद उसमे तेल का कोई प्रयोग नहीं रह जाता, यदि हम इस तेल को सब्जी से अलग कर दें, तो हम बहुत सारी एक्स्ट्रा कैलोरी खाने से बच सकते है। अब बहुत से लोग यह तर्क दे सकते है की यदि सब्जी से उसका तेल अलग कर दिया तो सब्जी का सारा टेस्ट ख़त्म हो जायेगा, परन्तु यह केवल एक भ्रम होता है, यदि हम सब्जी का तेल अलग करके, केवल उस तेल को चखें, तो हम पाएंगे की उस तेल में कोई स्वाद नहीं होता, उसका स्वाद सामान्य तेल की ही भांति बिलकुल फीका होता है। सब्जी में मसलों के कारण तेल का केवल रंग बदलता है उसका स्वाद नहीं। इसलिए यदि हम सब्जी बनने बाद उसका तेल अलग कर दे तो इससे सब्जी के टेस्ट में कोई फर्क नहीं पड़ेगा। 


यदि हम एक कटोरी सब्जी से केवल दो टेबल स्पून (10 ml) तेल को भी अलग कर दें, तो हम बड़ी आसानी से 100 कैलोरी को अपने शरीर में एकत्रित होने से रोक सकते है, इस प्रकार दिन में दो बार भोजन करने पर हम प्रतिदिन लगभग 200 कैलोरी की कटौती बड़ी आसानी से और बिना किसी मेहनत के कर सकते है। सब्जी से तेल को अलग करने के कई तरीके हो सकते है, जिनमें से कुछ इस प्रकार हैं :-


  • यदि तरल सब्जी है, तो उसे कुछ देर के लिए स्थिर छोड़ दें, इससे उसका तेल सब्जी ऊपर तैरने लगेगा, जिसे बड़ी आसानी से किसी चम्मच माध्यम से अलग किया जा सकता है, इसी प्रकार कटोरी में परोसी गयी सब्जी से भी चम्मच के द्वारा तेल को आसानी से अलग किया जा सकता है। 
  • यदि सूखी सब्जी है, तो सब्जी को पात्र में एक ओर इखट्टा करके पात्र को स्थिर छोड़ दें, इससे सब्जी का तेल पात्र में नीचे एक तरफ इखट्टा हो जायेगा, जिसे बड़ी आसानी से अलग किया सकता है। 
  • सब्जी या अचार को रोटी के ऊपर नहीं परोसना चाहिए, इससे रोटी, सब्जी और अचार का पूरा तेल सोख लेती है, जिसे फिर अलग नहीं किया जा सकता, इसलिए सब्जी या अचार को हमेशा किसी कटोरी या बर्तन में ही परोसा जाना चाहिए, जिससे तेल के नीचे बैठ जाने पर उसे आसानी से अलग किया जा सके। 


(4) दूध की क्रीम से बचें  

अधिकतर लोगों को दूध पीना पसंद होता है, दूध एक बहुत अच्छा पौष्टिक आहार होता है, जिससे हमें कई तरह के विटामिनस, प्रोटीन और कैल्शियम और अन्य पोषक तत्व प्राप्त होते है, परन्तु दूध की जो क्रीम होती है, उसमें अधिकतर फैट होता है और अन्य पोषक तत्व बहुत कम मात्रा में पाए जाते है। इसलिए वजन कम करने का प्रयास करने वाले लोगो को बिना क्रीम का दूध या लो-फैट दूध का प्रयोग करना चाहिए।  


(5) तले हुए चिकनाई युक्त भोजन से बचें 

जैसा की हम जानते है, तेल में बहुत अधिक कैलोरीज होती है। इस कारण तेल में तले हुए खाद्य पदार्थो में भी बहुत अधिक कैलोरीयां पायी जाती है, क्योकि ये तेल को सोख लेते है। इसलिए मोटापा को कम करने का प्रयास करने वाले लोगों को तले हुए खाद्य पदार्थों का सेवन करने से बचना चाहिए। यदि किसी कारणवश तले हुए खाद्य पदार्थों का सेवन करना ही पड़े, तो पहले उनको कुछ देर के लिए किसी साफ़ कागज में लपेट कर रखना चाहिए, इससे उनका कुछ तेल कागज सोख लेगा। 


(6) मीठे पर नियंत्रण करें 

मोटापा को कम करने के लिए मीठे पर नियंत्रण करना बहुत जरुरी है, मीठी वस्तुओ में बहुत अधिक कैलोरियाँ पायी जाती है। इसके अलावा मीठी वस्तुएँ ग्लूकोस का रूप होती है, जो हमारे शरीर में जाकर मोटापे का कारण बनता है, अतः मोटापा को कम करने के लिए हमें मीठी वस्तुओ का भी एक निश्चित मात्रा में ही सेवन करना चाहिए। 


मीठी वस्तुओं से वजन बढ़ने का कारण 

हमारा शरीर दो तरह के ऊर्जा भंडारों पर कार्य करता है, पहला ग्लूकोस और दूसरा वसा। यदि हमारे शरीर में ग्लूकोस और वसा दोनों के भंडार मौजूद हो, तो हमारा शरीर पहले ग्लूकोस से प्राप्त होने वाली ऊर्जा का प्रयोग करता है, क्योकि ग्लूकोस के अणु आसानी से टूट जाते है, जिससे हमें तुरंत ऊर्जा प्राप्त हो जाती है, हमारे शरीर के लिए ग्लूकोस के अणु नकद रुपयों की तरह होते है, जिन्हें तुरंत खर्च किया जा साक्ता है। जबकि वसा के अणु आसानी से नहीं टूटते जिसके कारण हमारे शरीर को वसा के भंडारों से ऊर्जा प्राप्त करने के लिए अधिक परिश्रम करना पड़ता है, इसके अलावा हमारा शरीर वसा के भंडारों को भविष्य के उपयोग के लिए सुरक्षित रखना चाहता है, हमारे शरीर के लिए वसा के भंडार फिक्स-डिपोसिट की तरह होते है, जिसे हमारा शरीर न तो तोडना चाहता है और न ही तोड़ने का प्रयास करना चाहता है। 


मीठे खाद्य पदार्थ ग्लूकोस का ही एक रूप होते है, इसलिए जब भी हम मीठा खाते है, हमारा शरीर मीठे से प्राप्त ऊर्जा को तुरंत प्रयोग में ले लेता है, जिसके कारण हमारे शरीर में चर्बी के रूप में जो वसा के भंडार होते है, वे कभी प्रयोग ही नहीं हो पाते, जिसके कारण हमारा मोटापा कभी कम नहीं हो पाता। 


अधिक मीठा खाते रहने से हमारे शरीर को ग्लूकोस से प्राप्त होने वाली ऊर्जा की आदत हो जाती है, जिसके बाद हमारा शरीर वसा का प्रयोग करना ही नहीं चाहता। जब भी हमारे शरीर में ग्लूकोस का स्तर गिरता है, हमें कमजोरी महसूस होने लगती है, और मीठा खाने या पिने की इच्छा बढ़ने लगती है, इससे हम दिन में कई-कई बार मीठा खाते या पीते रहते है, जिसके कारण हमारा शरीर मीठे से प्राप्त ऊर्जा का तो तुरंत प्रयोग कर लेता है परन्तु हमने जो भोजन किया है उससे प्राप्त ऊर्जा को हमारा शरीर वसा के रूप में जमा करने लगता है, जिसके कारण हमारा मोटापा बढ़ने लगता है। 

 

कई बार हम देखते है की लोगों को निश्चित समय पर चाय या कॉफी पिने की आदत लग जाती है, चाय कॉफी नहीं मिलने पर उन्हें कमजोरी या थकान महसूस होने लगती है, इसका सबसे बड़ा कारण मीठा खाने की आदत लगना ही होता है, समय के साथ ऐसे लोगो की चाय-कॉफी पिने की आदत बढ़ने लगती है, और वे दिनभर में कई-कई बार चाय कॉफी पि जाते है, ऑफिस में काम करने वाले लोगो के साथ अक्सर ऐसा होता है। इसके अलावा कई लोगो को खाना खाने के बाद कुछ मीठा खाने या कुछ मीठा पिने आदत होती है, कई लोग खाना खाने के बाद कोल्ड्रिंक पीते है, धीरे-धीरे ऐसे लोगों की मीठा खाने की आदत बढ़ती जाती है और वे भोजन करने के बाद अधिक से अधिक मात्रा में मीठा खाने या पिने लग जाते है, जिसके कारण उनका शरीर मीठे से ही ऊर्जा प्राप्त कर लेता है तथा भोजन से प्राप्त होने वाली ऊर्जा का कभी पूरा उपयोग नहीं कर पाता इसलिए वह ऊर्जा वसा के रूप में शरीर में जमा हो जाती है, जिससे मोटापा बढ़ने लगता है। इसलिए हमें मीठी वस्तुओ का एक निश्चित मात्रा में ही सेवन करना चाहिए। 


(7) पैकिंग फ़ूड से बचें

बाजार में मिलने वाले जितने भी पैकिंग फ़ूड होते है जैसे चिप्स, बिस्किट, कोल्ड्रिंक आदि, इनमें शुगर और वसा बहुत अधिक मात्रा में पाए जाते है, इन चीजों की थोड़ी सी मात्रा खाने पर भी हमें बहुत सारी कैलोरी प्राप्त हो जाती है, ये सभी वस्तुएँ हमारे लिए एक्स्ट्रा फ़ूड की तरह होती है, जिसके कारण हमारा वजन बढ़ने लगता है। इन पैकिंग फूड्स में अच्छे स्वाद के लिए और लम्बे समय तक इन्हें ताजा बनाए रखने के लिए, कई तरह  केमिकल्स प्रयोग किये जाते है, जो हमारे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होते है और हमारे मोटापे में वृद्धि करते है। इसलिए हमें इन पैकिंग फ़ूड के स्थान पर घर का बना भोजन ही प्रयोग करना चाहिए। 


(8) जल्दी सोएं और जल्दी उठें 

यदि हम रात को जल्दी सो जाएं और सुबह जल्दी उठ जाएं तो इससे हमें मोटापा को कम करने में बहुत मदद मिलती है। रात को हमारे पास करने के लिए कुछ कार्य नहीं होता, इसलिए जब हम देर रात तक जागते रहते है, तो हम अक्सर निष्क्रिय होकर टीवी या मोबाइल में कुछ देखते रहते है, इस दौरान हमारी शारीरिक गतिविधि बिलकुल शून्य होती है। यदि हम रात के इस निष्क्रिय समय में अपनी नींद पूरी कर लें और सुबह जल्दी उठ जाएं तो सुबह के समय हमारी शारीरिक गतिविधि बढ़ जाएगी, क्योकि सुबह के समय नींद पूरी होने के बाद हम चाह कर भी एक जगह बैठे नहीं रह सकते हमें शारीरिक गतिविधि करने के लिए कुछ न कुछ बहाना अवश्य मिल जाता है। यदि हम रात को दो घंटे जल्दी सो जाये और सुबह दो घंटे जल्दी उठ जाये, तो इन दो घंटो में हमारी 125 से 150 कैलोरी प्रतिदिन स्वतः ही खर्च हो जाएगी, जिससे हमें अपना मोटापा कम करने में बहुत मदद मिलेगी। 


(9) सीढ़ियों का अधिक से अधिक प्रयोग करें

यदि हमें हृदय और सांस से सम्बंधित कोई परेशानी नहीं है तो हम मोटापा को कम करने के लिए अधिक से अधिक सीढ़ियों का प्रयोग कर सकते है, सीढ़ियों पर चढ़ने और उतरने में बहुत अधिक कैलोरियाँ खर्च होती है। इसके लिए हम अपने ऑफिस, बाजार या मॉल में कहीं पर भी लिफ्ट या एक्सीलेटर के स्थान पर सीढ़ियों का प्रयोग कर सकते है। इसके अलावा हम अपने घर पर भी बार-बार छत पर जाने के बहाने ढूंढ सकते है, जैसे हम अपने कपडे छत पर सुखा सकते हैं, छत पर कपडे सूखाने और सूखे कपडे उतारने के लिए हम कम से कम दो बार छत पर जा सकते है, हम छत पर पक्षियों के लिए पानी रख सकते है, जिसे हम दिन में दो बार भर सकते है, हम छत पर गमलों में पौधे लगा सकते है, जिनके लिए हम पानी नीचे से ले जा सकते है, जितने अधिक पौधे होंगे उतना ही अधिक पानी हमें निचे से ऊपर ले जाना होगा, इस तरह हम दिन भर में कई बार सीढियाँ चढ़कर बहुत सारी कैलोरियाँ जला सकते है। 


(10) कुछ देर घर से बाहर या छत पर बिताने का प्रयास करें 

जब हम घर में होते है, तो हम में से ज्यादातर लोग घर पर निष्क्रिय अवस्था में बैठे-बैठे टीवी या मोबाईल देखते रहते है, यदि हम इस समय का सदुपयोग करके कुछ समय के लिए घर से बहार निकलकर पास के किसी पार्क या अपने घर की छत पर जाएं तो हम कुछ शारीरिक गतिविधि कर सकते है। यदि हम किसी पार्क में या अपने घर की छत पर आधा घंटा भी टहल लेते है, तो हम आसानी से बहुत सारी कैलोरियाँ जला सकते है। एक मिनट लगातार टहलने पर हमारी लगभग 5 कैलोरी नस्ट हो जाती है, इस प्रकार यदि हम प्रतिदिन केवल आधा घंटा घूमने का प्रयास करें तो हम 150 कैलोरी प्रतिदिन बड़ी आसानी से जला सकते है। इसके अलावा हम अपनी दैनिक जरूरतों का सामान जैसे दूध, फल, सब्जी आदि पास की दुकान से पैदल जाकर ला सकते है, जिससे हमें अपना मोटापा कम करने में बहुत मदद मिलेगी। 



इस पोस्ट में हमने मोटापा को कम करने के लिए कुछ सरल उपायों का विस्तार से वर्णन करने का प्रयास किया है, यदि इस पोस्ट की जानकारी आपको पसंद आयी, तो इस पोस्ट को अपने परिवार और मित्रों के साथ अवश्य शेयर करें। 


धन्यवाद 

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