सल्फ्यूरिक एसिड (H2SO4) की विस्तृत जानकारी Sulfuric Acid in Hindi

सल्फ्यूरिक एसिड की विस्तृत जानकारी Sulfuric Acid in Hindi 

 

सल्फ्यूरिक एसिड (H2SO4) क्या होता है 

सल्फ्यूरिक एसिड (H2SO4) एक यौगिक है, इसे रसायनों का राजा भी कहा जाता है। यह एक अत्यंत प्रतिक्रियाशील और संक्षारक रसायन है, जो सल्फर, ऑक्सीजन और हाइड्रोजन से बना होता है। यह एक पारदर्शी, घना, चिपचिपा और तैलीय तरल होता है तथा पानी में आसानी से घुल जाता है। प्राचीन कल में इसे विट्रियल के तेल के नाम से जाना जाता था। भारत में इसे इसे गंधक का तेजाब भी कहा जाता है। इसका रासायनिक सूत्र H2SO4 होता है, अर्ताथ इसके एक अणु में हाइड्रोजन के दो परमाणु, सल्फर का एक परमाणु और ऑक्सीजन के चार परमाणु होते है।
 
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सल्फ्यूरिक एसिड के गुण

  • सल्फ्यूरिक एसिड पारदर्शी, गंधहीन और रंगहीन तरल होता है, परन्तु आयरन आयनों से दूषित हो जाने पर इसका रंग हल्का पिला हो जाता है, यदि इसमें अधिक मात्रा में आयरन आयन मिल जाये तो इसका रंग भूरा और गहरा भूरा भी हो जाता है।
  • इसका घनत्व 1.83 ग्राम प्रति घन सेंटीमीटर होता है।
  • इसका क्वथनांक (Boiling Point) 337 डिग्री सेल्सियस होता है, 337 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान  पर सल्फ्यूरिक एसिड गैस अवस्था में पाया जाता है।
  • इसका गलनांक (Melting Point) 10 डिग्री सेल्सियस होता है अर्ताथ 10 डिग्री सेल्सियस से कम तापमान पर सल्फ्यूरिक एसिड ठोस अवस्था में पाया जाता है।
  • यह विधुत का अच्छा सुचालक होता है।
  • सल्फ्यूरिक एसिड अत्यंत हायग्रोस्कोपिक (Hygroscopic) तरल होता है, अर्ताथ इसे वातावरण में खुला छोड़ने पर यह यह तुरंत अपने आसपास के वातावरण से नमी अवशोषित कर लेता है।
  • यह एक अत्यंत प्रबल ऑक्सीडाइजिंग एजेंट होता है, तथा अधिकांश धातुओं से प्रतिक्रिया कर सकता है, और हाइड्रोजन गैस उत्पन्न करता है।
  • उच्च तापमान पर सल्फ्यूरिक एसिड की रासायनिक प्रतिक्रियाशीलता बहुत अधिक बढ़ जाती है।
  • सल्फ्यूरिक एसिड अत्यंत संक्षारक तरल होता है, त्वचा के संपर्क में आने पर यह त्वचा को गंभीर रूप से जला देता है।
  • सल्फ्यूरिक एसिड और पानी को मिलाने पर एक्सोथर्मिक प्रतिक्रिया होती है, जिससे बहुत अधिक गर्मी निकलती है। इसलिए इन दोनों को आपस में मिलाते समय हमेशा इस बात का ध्यान रखना चाहिए, की हमेशा पानी में सल्फ्यूरिक एसिड डालना चाहिए, सल्फ्यूरिक एसिड में पानी नहीं डालना चाहिये, इससे धमाका हो सकता है और एसिड उछलकर बाहर आ सकता है।
 

सल्फ्यूरिक एसिड कैसे बनता है 

सबसे पहले सल्फर को गर्म किया जाता है, जिससे सल्फर-डाई-ऑक्साइड (SO2) गैस बनती है। इसके बाद वेनेडियम पेंटा ऑक्साइड (V2O5) नाम के  उत्प्रेरक की उपस्थिति में सल्फर डाई ऑक्साइड गैस की प्रतिक्रिया ऑक्सीजन गैस से करायी जाती है जिससे सल्फर ट्राई ऑक्साइड (SO3) गैस बनती है। इसके बाद सल्फर ट्राई ऑक्साइड की प्रतिक्रिया पानी से कराई जाती है जिससे सल्फ्यूरिक एसिड का निर्माण होता है ।
 
S + Heat + O2 = SO2 (सल्फर डाई ऑक्साइड)
 
2SO2 + O2 + V2O5 (वेनेडियम पेंटा ऑक्साइड) = SO3 (सल्फर ट्राई ऑक्साइड)
 
SO3 + H2O (जल) = H2SO4 (सल्फ्यूरिक एसिड)
 

सल्फ्यूरिक एसिड के उपयोग 

सल्फ्यूरिक एसिड विभिन्न उद्योगों में उपयोग किया जाने वाला एक प्रमुख रसायन है इसके कई उपयोग है जिनमें से कुछ इस प्रकार है :-
 
  • सल्फ्यूरिक एसिड का उपयोग उर्वरकों के उत्पादन, पेपर उत्पादन और विस्फोटकों के निर्माण में किया जाता है।
  • इसका उपयोग खनिज प्रसंस्करण और अपशिष्ट जल प्रसंस्करण में किया जाता है।
  • विभिन्न प्रकार के केमिकल और फॉस्फोरिक एसिड के निर्माण में भी सल्फ्यूरिक एसिड का उपयोग किया जाता है।
  • सफाई उत्पाद, डिटर्जेन्ट, डाई और पिगमेंट्स के निर्माण  में भी सल्फ्यूरिक एसिड का उपयोग किया जाता है।
  • सल्फ्यूरिक एसिड का उपयोग स्टील उत्पादन में किया जाता है।
  • लेड एसिड बैटरी में सल्फ्यूरिक एसिड का उपयोग इलेक्ट्रोलाइट के रूप में किया जाता है।

 

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