जिंक ऑक्साइड के गुण उपयोग और अन्य जानकारी Zinc Oxide in Hindi

जिंक ऑक्साइड के गुण उपयोग और अन्य जानकारी Zinc Oxide in Hindi

 

जिंक ऑक्साइड क्या है (What is Zinc Oxide)

जिंक ऑक्साइड एक अकार्बनिक यौगिक है, जो जिंक और ऑक्सीजन से मिलकर बना होता है। इसका रासायनिक सूत्र ZnO है। जिंक ऑक्साइड के एक अणु में ऑक्सीजन का एक परमाणु और जिंक का एक परमाणु होता है। यह एक सफ़ेद पाउडर की तरह होता है जो जल में अघुलनशील होता है। जिंक ऑक्साइड को कैलामाइन या जिंक व्हाइट के नाम से भी जाना जाता है। यह स्वाभाविक रूप से पृथ्वी की पपड़ी में जिंकाइट खनिज के रूप में पाया जाता है, तथा व्यावसायिक रूप से उपयोग किए जाने वाले अधिकांश जिंक ऑक्साइड को कृत्रिम रूप से उत्पन्न किया जाता है।
 
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जिंक ऑक्साइड के गुण (Properties of Zinc Oxide in Hindi) 

  • जिंक ऑक्साइड एक सफ़ेद रंग का गंधहीन पाउडर होता है। 
  • यह जल में अघुलनशील होता है।
  • सामान्य तापमान पर यह ठोस अवस्था में पाया जाता है, इसका गलनांक (Melting Point) 1975 डिग्री सेल्सियस होता है, तथा इसका क्वथनांक ( Boiling Point) 2360 डिग्री सेल्सियस होता है।
  • इसका घनत्व 5.61 ग्राम प्रति घन सेंटीमीटर होता है।
  • जिंक ऑक्साइड क्रिस्टलीय रूप में, यह थर्मोक्रोमिक होता है जो हवा की उपस्थिति में गर्म करने पर अपना रंग सफेद से पीले रंग में बदलता है और ठंडा होने पर यह पुनः सफेद रंग का हो जाता है।
  • यह अम्ल और क्षार में घुल जाता है।
  • जिंक ऑक्साइड विधुत का प्रबल कुचालक होता है, परन्तु इसे बहुत अधिक तापमान पर गर्म करने पर यह गैर-स्टोइकोमेट्रिक हो जाता है, अर्ताथ इसमें ऑक्सीजन की मात्रा थोड़ी कम हो जाती है, जिससे यह कुछ मात्रा में विधुत प्रवाहित कर पाता है। इस गुण के कारण जिंक ऑक्साइड को N-टाइप सेमीकंडक्टर की श्रेणी में भी रखा जाता है।
  • जिंक ऑक्साइड जब जिंक क्लोराइड के एक प्रबल जलीय घोल के साथ मिलाया जाता है, तो यह एक सीमेंट जैसा उत्पाद बनाता है जिसे जिंक हाइड्रॉक्सी क्लोराइड कहा जाता है, इस सीमेंट का उपयोग दंत चिकित्सा में किया जाता था।
  • जिंक ऑक्साइड एक अपेक्षाकृत नरम पदार्थ है, जिसकी मोह स्केल (Mohs Scale) पर कठोरता लगभग 4.5 होती है।
  • जिंक ऑक्साइड में जीवाणुरोधी और दुर्गन्ध दूर करने वाले गुण पाए जाते हैं।
 

जिंक ऑक्साइड के उपयोग (Uses of Zinc Oxide in Hindi) 

  • जिंक ऑक्साइड का सबसे महत्वपूर्ण उपयोग रबर उद्योग में किया जाता है। एक अनुमान के अनुसार कुल उत्पादित जिंक ऑक्साइड के 50 प्रतिशत से अधिक का उपयोग रबर उधोग में रबर के वल्केनाइजेशन के लिए किया जाता है।
  • भवन निर्माण उद्योग में भी जिंक ऑक्साइड का उपयोग किया  जाता है,  जिंक ऑक्साइड कंक्रीट की प्रोसेसिंग में सहायता करता है तथा कंक्रीट की जल प्रतिरोधक क्षमता में भी सुधार करता है।
  • जिंक ऑक्साइड का उपयोग सौंदर्य प्रसाधन और व्यक्तिगत देखभाल उत्पादों की एक विस्तृत श्रृंखला में किया जाता है, जिसमें मेकअप, नाखून उत्पाद, बेबी लोशन, नहाने के साबुन शामिल हैं। इसके अलावा जिंक ऑक्साइड का उपयोग त्वचा की सुरक्षा के लिए भी किया जाता है, जैसे डायपर रैश मलहम और सनस्क्रीन उत्पाद आदि।
  • जिंक ऑक्साइड का उपयोग माउथवॉश उत्पादों और टूथपेस्ट में एक एंटी-बैक्टीरियल एजेंट के रूप में किया जाता है, जो प्लाक और टैटार के गठन को रोकने में मदद करता है, तथा मुंह में वाष्पशील गैसों और वाष्पशील सल्फर यौगिकों (वीएससी) को कम करके सांसों की दुर्गंध को नियंत्रित करता है।
  •  जिंक ऑक्साइड का व्यापक रूप से CIGS (कॉपर इंडियम गैलियम सेलेनाइड) सोलर सेल में बफर परत के रूप में उपयोग किया जाता है।
  • जिंक ऑक्साइड में अपेक्षाकृत उच्च तापीय शक्ति, तापीय चालकता और उच्च तापमान स्थिरता जैसे गुण पाए जाते है इसलिए सिरेमिक उद्योग में सिरेमिक ग्लेज़िंग और फ्रिट रचनाओं के लिए इसका उपयोग किया जाता है।
  • जिंक ऑक्साइड सिगरेट फिल्टर का एक घटक है। जिंक ऑक्साइड और आयरन ऑक्साइड से युक्त चारकोल युक्त फिल्टर तंबाकू के धुएं से महत्वपूर्ण मात्रा में हाइड्रोजन साइनाइड (HCN) और हाइड्रोजन सल्फाइड (H2S) को उसके स्वाद को प्रभावित किए बिना हटा देता है।
  • ज़िंक शरीर के लिए एक महत्वपूर्ण पोषक तत्व होता है इसलिए कई खाद्य उत्पादों में जिंक के स्रोत के रूप में सुक्ष्म मात्रा में जिंक ऑक्साइड मिलाया जाता है।
  • जिंक ऑक्साइड का उपयोग पिग्मेंट के रूप में भी किया जाता है।
  • जिंक ऑक्साइड पाउडर वाले पेंट लंबे समय से धातुओं के लिए एंटीकोरोसिव कोटिंग्स के रूप में उपयोग किए जाते हैं। ऐसे पेंट गेल्वेनाइज लोहे के लिए विशेष रूप से प्रभावी होते हैं।
 

अन्य जानकारी (Other Information)

जिंक ऑक्साइड स्वयं गैर-विषाक्त होता  है, परन्तु जिंक ऑक्साइड के धुएं को अंदर लेना खतरनाक होता है, यह धुआँ जिंक या जिंक मिश्र धातुओं के पिघलने और उच्च तापमान पर ऑक्सीकृत होने पर उत्पन्न होता है। यह समस्या पीतल युक्त मिश्र धातुओं को पिघलाते समय उत्पन्न होती है क्योंकि पीतल का गलनांक जस्ता के क्वथनांक के करीब होता है। इसके अलावा गैल्वेनाइज्ड (जिंक प्लेटेड) स्टील को वेल्डिंग करते समय भी यह धुआँ उत्पन्न होता है होता है, इसके संपर्क में आने से मेटल फ्यूम फीवर नामक बीमारी हो सकती है, जिसमें ठंड लगना, बुखार, मांसपेशियों में दर्द, मतली और उल्टी के लक्षण दिखाई दे सकते हैं।
 
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