एस्कॉर्बिक एसिड विटामिन C | Ascorbic acid Vitamin C in Hindi

एस्कॉर्बिक एसिड विटामिन C की जानकारी Ascorbic acid Vitamin C in Hindi

 

एस्कॉर्बिक एसिड क्या है (What is Ascorbic acid)

एस्कॉर्बिक एसिड कार्बनिक यौगिक है, आमतौर पर इसे विटामिन सी के रूप में भी जाना जाता है। इसका रासायनिक सूत्र C6H8O6 है। एस्कॉर्बिक एसिड एक प्राकृतिक पानी में घुलनशील विटामिन है, जो कई खाद्य पदार्थों में पाया जाता है, जैसे की खट्टे फल और सब्जियाँ आदि। इसे भोजन के पूरक के रूप में भी लिया जाता है। यह एक एंटीऑक्सीडेंट के रूप में काम करता है। इसका उपयोग स्कर्वी नामक रोग की रोकथाम और उपचार में किया जाता है। एस्कॉर्बिक एसिड एक महत्वपूर्ण पोषक तत्व है, जो हमारे शरीर में उतको की मरम्मत तथा संयोजी ऊतकों, हड्डियों, केशिकाओं और त्वचा में कोलेजन के निर्माण में मदद करता है।। यह शरीर में कई एंजाइमों के कामकाज के लिए आवश्यक है और शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली के कामकाज के लिए भी आवश्यक है।

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Ascorbic acid in Hindi

एस्कॉर्बिक एसिड के गुण (Properties of Ascorbic acid in Hindi)

  • एस्कॉर्बिक एसिड एक गंधहीन तथा सफेद रंग का क्रिस्टलीय ठोस पदार्थ होता है, लेकिन अशुद्ध नमूने हल्के पीले रंग के दिखाई दे सकते हैं।
  • इसका एक सुखद और तेज अम्लीय स्वाद होता है ।
  • यह हल्का अम्लीय घोल बनाने के लिए पानी में अच्छी तरह घुल जाता है।
  • एस्कॉर्बिक एसिड का घनत्व 1.65 ग्राम प्रति घन सेंटीमीटर होता है।
  • सामान्य तापमान पर एस्कॉर्बिक एसिड ठोस अवस्था में पाया जाता है, इसका गलनांक (Melting Point) 190 डिग्री सेल्सियस और इसका क्वथनांक (Boiling Point) 553 डिग्री सेल्सियस होता है।  
  • एस्कॉर्बिक एसिड जिसे विटामिन C  के नाम से भी जाना जाता है, यह मनुष्यों और कई जानवरों के लिए एक आवश्यक पोषक तत्व है। 
  • एस्कॉर्बिक एसिड अल्कोहल बनाने वाले एस्टर जैसे एस्कॉर्बिल पामिटेट और एस्कॉर्बिल स्टीयरेट के रूप में कार्बनिक अम्लों के साथ भी प्रतिक्रिया कर सकता है।
  • एस्कॉर्बिक एसिड एक हल्का रिड्यूसिंग एजेंट और एक एंटीऑक्सीडेंट है।
  • एस्कॉर्बिक एसिड 90 डिग्री सेल्सियस पर ग्लूकोज और अमीनो एसिड के साथ मिश्रित होने पर वाष्पशील यौगिक बनाता है।

 

एस्कॉर्बिक एसिड के उपयोग (Uses of Ascorbic acid in Hindi)

  • एस्कॉर्बिक एसिड या विटामिन C एक पोषक तत्व है जो मानव शरीर को काम करने और स्वस्थ रहने के लिए सूक्ष्म मात्रा में चाहिए।
  • एस्कॉर्बिक एसिड स्कर्वी रोग को रोकने और उसका इलाज करने में भी मदद करता है।
  • एस्कॉर्बिक एसिड मानव शरीर को जीवाणु संक्रमण से लड़ने में मदद कर सकता है और रेशेदार ऊतक, दांत, हड्डियों, त्वचा और केशिकाओं में एक महत्वपूर्ण प्रोटीन कोलेजन बनाने में मदद कर सकता है।
  • विटामिन सी हमारे शरीर में बैक्टीरिया और वायरस से लड़ने वाली अधिक टी-कोशिकाओं के निर्माण में एक आवश्यक भूमिका निभाता है। यह अधिक प्रतिरक्षा कोशिकाओं के निर्माण और उन्हें स्वस्थ रखने में भी एक महत्वपूर्ण घटक है।
  • एस्कॉर्बिक एसिड ब्रेड, क्योर मीट, जैम और जेली जैसे भोजन को खराब होने से बचाने के लिए एक संरक्षक के रूप में भी काम करता है।
  • सौंदर्य प्रसाधन और अन्य व्यक्तिगत देखभाल (Personal Care) उत्पादों में एस्कॉर्बिक एसिड के कम अम्लीय स्वरूपों का उपयोग किया जाता है , जैसे कैल्शियम एस्कॉर्बेट, मैग्नीशियम एस्कॉर्बेट, मैग्नीशियम एस्कॉर्बेल फॉस्फेट, सोडियम एस्कॉर्बेट और सोडियम एस्कॉर्बेल फॉस्फेट, जो एंटीऑक्सिडेंट के रूप में कार्य करते हैं और इन उत्पादों की ख़राब होने की प्रक्रिया को धीमा करतें है तथा पीएच को भी नियंत्रित रखतें है ।
  • जल शोधन में एस्कॉर्बिक एसिड का उपयोग पीने योग्य पानी में आयोडीन के स्वाद को दूर करने में मदद के लिए किया जाता है।
  • वैज्ञानिक फ्लोरोसेंस माइक्रोस्कोपी में एस्कॉर्बिक एसिड का भी उपयोग करते हैं, जो कोशिका जीव विज्ञान को समझने के लिए एक आवश्यक उपकरण है।
  • एस्कॉर्बिक एसिड का उपयोग प्लास्टिक निर्माण और जल शोधन में भी किया जाता है।
  • आजकल लोग आम सर्दी को रोकने और उसका इलाज करने के लिए विटामिन सी का उपयोग करते हैं। इसका उपयोग स्तन कैंसर, हृदय रोग और कई अन्य स्थितियों के लिए भी किया जाता है, लेकिन इनमें से कई उपयोगों का समर्थन करने के लिए पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है।

 

अन्य जानकारी (Other information)

  • संतरे और अंगूर से लेकर ब्रोकली, ब्रसेल्स स्प्राउट्स और टमाटर तक कई ताजे फलों और सब्जियों में प्राकृतिक रूप से विटामिन सी होता है। हालांकि, इन खाद्य पदार्थों में गर्मी या उबलते पानी से विटामिन कम हो सकते हैं।
  • 2 से 3 ग्राम से अधिक विटामिन सी अपच का कारण भी बन सकता है, खासकर जब आप इसे खाली पेट लेते हैं।
  • विटामिन सी का अधिक सेवन शरीर में आयरन के अत्यधिक अवशोषण का कारण भी बन सकता है।
  • अधिकांश लोगों के लिए विटामिन सी संभवतः सुरक्षित है। परंतु कुछ लोगों में, विटामिन सी पेट में ऐंठन, मतली और सिरदर्द जैसे दुष्प्रभाव पैदा कर सकता है। उच्च खुराक के साथ इन दुष्प्रभावों के होने की संभावना बढ़ जाती है। प्रतिदिन 2000 मिलीग्राम से अधिक लेना संभवतः असुरक्षित है और इससे गुर्दे की पथरी और गंभीर दस्त हो सकते हैं। जिन लोगों को गुर्दे की पथरी हुई है, उनमें प्रतिदिन 1000 मिलीग्राम से अधिक मात्रा में लेने से गुर्दे की पथरी होने का खतरा बढ़ जाता है।
  • अलग अलग आयु वर्ग के व्यक्तियों के लिए विटामिन C की अलग-अलग मात्रा को सुरक्षित माना जाता है। 1-3 साल के बच्चों के लिए रोजाना 400 मिलीग्राम, 4-8 साल के बच्चों के लिए रोजाना 650 मिलीग्राम, 9-13 साल के बच्चों के लिए 1200 मिलीग्राम, 14-18 वर्ष की आयु के किशोरों लिए रोजाना 1800 मिलीग्राम और 18 वर्ष और उससे अधिक उम्र के लोगों के लिए प्रतिदिन 2000 मिलीग्राम मात्रा को सुरक्षित माना जाता है।
  • गर्भावस्था के दौरान बहुत अधिक विटामिन सी लेने से नवजात शिशु को परेशानी हो सकती है।
  • जो लोग नियमित रूप से शराब का सेवन करते हैं, खासकर जिन्हें अन्य बीमारियां हैं, उनमें अक्सर विटामिन सी की कमी होती है।
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